Monday, 5 October 2015

पेनिस का आकार बढ़ा करने के 6 तरीके

पेनिस के आकार का छोटा होना, शारीरिक सम्‍बंधों की मधुरता को कम कर देता है और पुरूषों को इससे आत्‍मग्‍लानि भी होती है। वे कई बार हाथों से ही पेनिस का साइज बढ़ाने के लिए एक्‍सरसाइज करते हैं। स्‍ट्रांग इरेक्‍शन के लिए आप हेल्‍दी डाइट ले सकते हैं लेकिन इस समस्‍या से निजात मिलना, आपकी मेहनत और एक्‍सरसाइज करने के सही तरीके पर ही निर्भर करता है।
शीघ्रपतन के इलाज के लिए प्राकृतिक तरीके
इस आर्टिकल में आपको 6 ऐसी एक्‍सरसाइज के बारे में बताया जा रहा है जो आपके पेनिस के आकार को बढ़ा देगा और आपकी सेक्‍स लाइफ हेल्‍दी हो जाएगी। ये 6 एक्‍सरसाइज निम्‍न प्रकार हैं:
पेनिस का आकार बढ़ा करने के 6 तरीके
1. अपने जेस्‍चर्स से करें: अपने हाथ से ओके साइन बनाएं और उसे पर पेनिस को रखें। इससे पेनिस को सही तरीके से सपोर्ट मिलेगा और उसका आकार स्‍वत: बढ़ेगा। इसे कम से कम 7 मिनट तक करना चाहिए।
2. अंगूठे से एक्‍सरसाइज: अपने अंगूठे को पेनिस के निचले हिस्‍से में रखें और बाकी की उंगलियों को ऊपर से नीचे लाएं। ऐसा 10 सेकेंड तक करें, इससे पेनिस टाइट हो जाएगा। ऐसा आप बेडरूम में जाने से पहले कर लें।
3. स्‍ट्राॅकिंग तरीका: पेनिस के लिए स्‍ट्रॉकिंग तरीका काफी कारगर होता है। इससे बॉडी में ब्‍लड़ सर्कुलेशन के साथ-साथ पेनिस में भी अच्‍छी तरह ब्‍लड़ सर्कुलेट होता है।
4. गर्म तौलिया: गर्म तौलिया लें और इसमें पेनिस को लपेट लें। इससे पेनिस को गर्माहट मिलेगी और उसका साइज बढ़ेगा।
5. इरेक्‍शन में: इरेक्‍शन के दौरान पेनिस का साइज काफी मायने रखता है। इसके लिए आप इसे साइड से स्‍ट्रेच करें। ऐसा लगतार 10 सेकेंड तक करते रहें।
6. परफेक्‍ट स्‍ट्रेच: अपने पेनिस को पकड़ें और इसे इसे हल्‍के से नीचे ले जाएं। 10 से 15 मिनट तक ऐसा कई बार करें। यह सबसे अच्‍छी पेनिस एक्‍सरसाइज होती है।
नोटः अगर सेक्स से संबंधित आपकी भी कोई समस्या या सवाल है तो उसे आप हमें हिंदी या अंग्रेजी में मेल कर सकते हैं। ईमेलः info@hashmi.com

Sunday, 4 October 2015

किडनी में स्टोन है तो बरतें ये 5 सावधानियां

किडनी में स्टोन का दर्द यकीनन असहनीय है लेकिन दवाओं से इसे यूरीन के रास्ते निकाला जा सकता है। ऐसे में डाइट में कुछ सावधानियां बरतने से किडनी के स्टोन से छुटकारा पाना आसान हो सकता है।

अधिक से अधिक पानी पीएं

किडनी में स्टोन के मरीजों के लिए जरूरी है कि वे अधिक से अधिक पानी ‌पीते रहें जिससे किडनी में जमा स्टोन या टॉक्सिक यूरीन के प्रवाह के साथ निकल जाएं। प्रतिदिन चार लीटर पानी का सेवन किडनी से स्टोन हटाने में मदद करता है।
नींबू या एप्पल साइडर वेनेगर
डाइट में नींबू व एप्पल साइडर वेनेगर की मात्रा बढ़ाएं। इससे शरीर के टॉक्सिक तत्वों को निकालने में आसानी होती है।

कैल्शियम की अधिकता वाली डाइट

डाइट में ऐसी चीजों की मात्रा बढ़ाएं जिनमें कैल्शियम की अधिकता हो। क्लीनिकल जर्नल ऑफ अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के शोध की मानें तो कैल्शियम ओक्सलेट की अधिकता वाली डाइट किडनी में जमा स्टोन को तोड़ने और बाहर निकालने में मदद करती है। दूध, मक्खन, नट्स आदि का सेवन फायदेमंद है।
सोडा के सेवन से बचें
किडनी में स्टोन के मरीजों के लिए सोडा ड्रिंक से संबंधित कई भ्रांतियां हैं। लेकिन असलियत यह है कि सोडा में मौजूद फोस्फोरिक एसिड की अधिकता किडनी में स्टोन को बढ़ाती है।
लो ओक्सालेट डाइट लें

ओक्सालेट की कमी वाली डाइट किडनी के मरीजों के लिए फायदेमंद है। काली चाय, अनाज, नट्स आदि का सेवन किडनी का स्टोन हटाने में फायदेमंद है।
नोटः अगर सेक्स से संबंधित आपकी भी कोई समस्या या सवाल है तो उसे आप हमें हिंदी या अंग्रेजी में मेल कर सकते हैं। ईमेलः info@hashmi.com

Saturday, 3 October 2015

अर्थराइटिस से बचाव के लिए अपनायें ये उपाय

  • अर्थराइटिस के बचाव के लिए सही रखें आहार।
  • व्‍यायाम होता है अर्थराइटिस से बचाने में मददगार।
  • धूम्रपान बढ़ाता है अर्थराइटिस का खतरा।
  • मोटापा भी अर्थराइटिस की बड़ी वजह।

सिरदर्द के प्रकार और इनसे बचने के उपाय

  • सिरदर्द की समस्या एक आम शिकायत है।
  • सिरदर्द सिर्फ एक नहीं कई प्रकार के होते है।
  • माइग्रेन व तनाव के कारण भी हो जाता है।
  • तेज सिरदर्द होने पर डाक्टर की सलाह लें।

Friday, 2 October 2015

कैसे करें डायबिटीज कंट्रोल ?

डायबिटीज जिसे  मधुमेह  भी  कहा जाता  है एक गंभीर बीमारी है जिसे धीमी मौत (साइलेंट किलर ) भी कहा जाता हैl
संसार भर में मधुमेह रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है विशेष रूप से भारत में l इस  बीमारी में रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है  तथा रक्त की कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग  नहीं कर पाती  l यदि यह ग्लूकोज  का बढ़ा हुआ लेवल खून में लगातार बना रहे तो शरीर के अंग प्रत्यंगों को नुकसान  पहुँचाना शुरू कर देता  है l
डायबिटीज के कारण (Causes  of Diabetes )-
खान पान एवं लाइफ स्टाइल की गलत आदतें जैसे मधुर एवं भारी भोजन का अधिक सेवन करना,चाय, दूध  आदि में  चीनी का ज्यादा सेवन,कोल्ड ड्रिंक्स एवं अन्य सॉफ्ट ड्रिंक्स अधिक पीना,शारीरिक  परिश्रम ना करना,मोटापा,तनाव,धूम्रपान,तम्बाकू,आनुवंशिकता आदि डायबिटीज के प्रमुख कारण हैं  l
डायबिटीज के लक्षण (Diabetes Symptoms)-
बार बार  पेशाब लगना,प्यास  ज्यादा  लगना, भूख  ज्यादा  लगना,बिना काम करे भी थकान  होना,शरीर में कहीं  घाव होने पर जल्दी ठीक ना होना तथा  त्वचा का बार बार इन्फेक्शन होना l ये सब डायबिटीज के लक्षण  हैंl
यदि इनमे से कुछ  लक्षण यदि  लगातार दिखाई दें तो  खून में शुगर की जाँच अवश्य करवानी चाहिए यह जाँच  बहुत सामान्य और सस्ती होती है जो छोटी छोटी लैब्स में आसानी से हो जाती हैं इसके लिए शुगर का शक होने पर दिन में किसी भी समय (ब्लड शुगर- रैंडम) जाँच करवाई जा सकती है या बार -बार जरुरत पड़े तो जाँच करने की मशीन  घर  पर लायी जा सकती है जो ज्यादा महँगी नहीं होती l
डायबिटीज रोग के उपद्रव  (Complications of Diabetes) –
यदि मधुमेह  रोग का समय पर पता ना चले या पता चलने पर भी खान पान तथा जीवन शैली में लगातार लापरवाही  की जाये और समुचित चिकित्सा ना की जाये तो  खून में सामान्य से अधिक बढ़ा हुआ शुगर का लेवल शरीर के अनेक  अंगों जैसे गुर्दे (Kidney),ह्रदय (Heart),धमनियां (Arteries) आँखें (Eyes) त्वचा (Skin) तथा  नाड़ी  तंत्र (Nervous System) को नुकसान  पहुँचाना शुरू  कर   देता  है और जब तक रोगी संभलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती  है l
डायबिटीज की चिकित्सा-
1. ख़ान पान  में  सुधार  करें-चीनी (sugar) एवं  अन्य मीठे पदार्थो का सेवन कम से कम करें या ना करें,चोकर युक्त  आटा,हरी सब्जियां ज्यादा खाएं, मीठे फलों को छोड़ कर अन्य फल  खाएं,एक बार में ज्यादा खाने की बजाय भोजन  को छोटे छोटे अंतराल  में लें,घी तेल से बनी एवं तली भुनी चीजें जैसे- समोसे, कचौड़ी ,पूड़ी ,परांठे आदि का सेवन कम  से कम करें,गेहूँ,जौ एवं चने को मिला कर बनाई हुई यानि मिस्सी रोटी शुगर की बीमारी  में बहुत फायदेमंद होती  है l
  1. शारीरिक रूप से सक्रिय रहे –
नित्य व्यायाम करना ,योग प्राणायाम का नियमित  अभ्यास करना ,सुबह शाम चहल कदमी (Morning Evening walk) करना मधुमेह रोग में शुगर कंट्रोल करने के लिए बहुत लाभदायक  है तथा मोटापा नियंत्रण  में  रहता है जो  की  डायबिटीज  का  महत्वपूर्ण  कारण  है l
3. तनाव (Tension,Anxiety Stress) से  बचें –
मधुमेह रोग में तनाव की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है तनाव से बचने की पूरी  कोशिश करें l स्ट्रेस  या  तनाव  के  कारणों को आपसी बात चीत से हल करें, योगा, प्राणायाम,ध्यान  तथा सुबह शाम घूमने से स्ट्रेस कंट्रोल करने में सहायता मिलती  है l
4. घरेलु  उपाय ( Home Remedies for Diabetes)–
आयुर्वेद की कुछ जड़ी बूटियां मधुमेह रोग में  बहुत उपयोगी हैं इनका सेवन डायबिटीज में बहुत लम्बे  समय से किया  जा रहा है आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी डायबिटीज में इनकी उपयोगिता सिद्ध कर चुका है l
  • दाना मेथी –
दाना मेथी मधुमेह  में  बहुत उपयोगी है इसके लिए एक या दो चम्मच दाना मेथी को एक गिलास पानी में रात में  भिगो देते है सुबह मेथी को चबा चबा कर खा लेते हैं तथा मेथी के पानी को पी लेते हैं या मेथी का चूर्ण या सब्जी  बनाकर भी सेवन कर सकते हैं  l
  • करेला –
करेला भी डायबिटीज के लिए अति महत्पूर्ण है इसके लिए करेले का जूस अकेले या आंवले के जूस में मिला कर 100-125 ML  की मात्रा में सुबह शाम भूखे पेट लें साथ ही करेले की सब्जी  बनाकर या चूर्ण के रूप  में  भी सेवन  कर सकते  हैं l
  • जामुन –
जामुन का फल खाने  में जितना स्वादिस्ट और रुचिकारक होता है उतना  ही शुगर की तकलीफ में लाभदायक  होता  है इसके लिए जामुन के सीजन में जामुन के फल खाए जा सकते हैं तथा सीजन ना होने पर जामुन की गुठली का चूर्ण सुबह शाम भूखे  पेट पानी से ले सकते हैं l
  • विजयसार –
विजयसार को ना केवल आयुर्वेद बल्कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी डायबिटीज में बहुत उपयोगी  मानता है इसके लिए विजयसार की लकड़ी से बने गिलास में रात में पानी भर कर रख दिया जाता है सुबह भूखे पेट इस पानी को पी लिया जाता है विजयसार की लकड़ी में पाये जाने वाले तत्व रक्त में इन्सुलिन  के स्राव को बढ़ाने में सहायता करते हैं l
  • मधुमेह नाशक पाउडर –
इसके लिए गिलोय,गुड़मार,कुटकी,बिल्व पत्र,जामुन  की गुठली, हरड़, चिरायता,आंवला, काली जीरी,तेज पत्र,बहेड़ा नीम पत्र एवं अन्य जड़ी बूटियों को एक निश्चित अनुपात में लेकर पाउडर बनाया जाता है जो  की डायबिटीज  में बहुत फायदेमंद साबित होता है l
उपरोक्त उपाय जरुरत के अनुसार उपयोग करने चाहियें ,खून में शुगर का लेवल कम ना हो जाये इसलिए समय समय  पर शुगर चैक करते रहना चाहिए l

Wednesday, 30 September 2015

शीघ्रपतन का इलाज कैसे करें

शीघ्रपतन क्या है
शीघ्रपतन नवयुवकों में तेजी से फैल रही एक प्रकार की यौन अक्षमता है। जब किसी पुरुष में वीर्य पतन उसके इच्छा से पूर्व ही हो जाता है, अथवा संसर्ग के समय वह बहुत जल्दी ही वीर्य स्खलित कर देता है, तो इसे शिघ्र पतन कहा जाता है। डॉक्टरी भाषा में कहा जाए तो, इंटरकोर्स शुरू होने से 60 सैकंड के भीतर ही यदि किसी पुरूष का वीर्य-स्खलन हो जाए तो इसे शीघ्रपतन (premature ejaculation) कहा जाता है। इस समस्या के कारण पुरुष संभोग के दौरान अपने साथी को संतुष्ट नहीं कर पाता है।

शीघ्रपतन के कारण व लक्षण
शीघ्रपतन के कई कारण हो सकते हैं। जैसे- गलत तरह से हस्तमैथुन, अत्यधिक तनाव, मस्तिष्कीय रसायनों का असुंतलन, जो स्तर 2 के शीघ्रपतन के ठीक से इलाज न किए जाने के कारण हो सकता है। इससे ग्रसित व्‍यक्ति का स्‍वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है। उसे सिरदर्द जैसे शा‍रीरिक समस्‍याएं भी हो सकती हैं। इसके अलावा कुछ समय के बाद सेक्स में अरूचि भी आ जाती है व शारीरिक दुर्बलता भी हो सकती है।

अलग-अलग होता है उपचार
शीघ्रपतन के कारण, प्रकार व स्तर के आधार पर इसके इलाज भी अलग-अलग होते हैं। होमियोपैथी में भी शीघ्रपतन का कारगर इलाज मौजूद है। इसके अलावा घरेलू नुस्खों को भी अपनाया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शीघ्रपतन के अलग-अलग लक्षणों के आधार पर मरीज का इलाज किया जाए तो इस परेशानी पर कारगर तरीके से काबू पाया जा सकता है।
सेक्स के बीच में लें कैलोरी
एक बार सेक्स करने में लगभग 400 से 500 कैलोरी ऊर्जा की खपत होती है। इसलिए यदि संभव हो सके तो बीच-बीच में ऊर्जा देने वाले तरल, जैसे ग्लूकोज, जूस, दूध आदि ले सकते हैं। इसके अलावा आपसी बातचीत भी आपको फायदा पहुंचा सकता है। इससे शीघ्रपतन की समस्या से बचा जा सकता है।

कौंच के बीज, सफेद मूसली और अश्वगंधा
शीघ्रपतन के देसी इलाज के लिए कौंच के बीज, सफेद मूसली और अश्वगंधा के बीजों को बराबर मात्रा में मिश्री के साथ मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें। फिर एक चम्मच चूर्ण सुबह और शाम एक कप दूध के साथ लेने से शीघ्रपतन और वीर्य की कमी जैसे रोग दूर हो जाते हैं।

इमली और गुड़
एक किलो इमली के बीजों को 2 से 3 दिनों तक पानी में भीगो दें। अब उन बीजों को पानी से निकालकर व उनके छिलके उतारकर ठीक तरह से पीस लें। अब इसमें लगभग दुगुनी मात्रा में पुराना गुड़ मिलाकर इसे आटे की तरह गूंथ लें। प्राप्त पेस्ट की छोटी-छोटी गोलियां बना लें। सेक्स करने के 2 घंटे पहले इनका दूध के साथ सेवन करें। इस तरह शीघ्रपतन की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
इलाज से न भागें
जब आप शीघ्रपतन से पीड़ित हों, तो यह ध्यान में रखना बहुत जरूरी है कि वह हर स्थिति में इलाज से ठीक हो जाता है और इसके सबसे गंभीर मामले भी लाइलाज नहीं हैं। इस समस्‍या को भी एक आम शारीरिक परेशानी की तरह लें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप शांत रहते हुए समस्या का तुरंत इलाज कराएं। आमतौर पर बिना इलाज कराए आप जितना अधिक समय बिताएंगे, समस्या उतनी ही उलझती जाएगी और उसका इलाज उतना ही कठिन होता जाएगा

शीघ्रपतन और सही उपचार
शीघ्रपतन से पीड़ित होने पर परेशान न हों, यह हर स्थिति में इलाज से ठीक हो जाता है। घबराएं नहीं, इसके सबसे गंभीर मामले भी लाइलाज नहीं हैं। इसलिए शांत रहते हुए समस्या का तुरंत डॉक्टर से इसका इलाज कराएं। क्योंकि बिना इलाज कराए आप जितना अधिक समय बिताएंगे, समस्या उतनी ही डटिल और कष्टदायक होती जाएगी और उसका इलाज उतना ही मुश्किल हो जाएगा।
कब कराएं इसका इलाज
यदि बार-बार संभोग के दौरान आपका स्खलन आपके साथी और आपकी इच्छा से पहले हो रहा है तो अपने डॉक्टर से तुरंत इस बारे में बात करें। कई बीर ऐसा लोगों को लगता है कि यह समस्या आम है और खुद-ब-खुद ठीक हो जाएगी, तो आप गलत हैं। भले ही यह समस्या आम है लेकिन इसका सही समय पर उपचार होना बेहद जरूरी होता है।